AdvertisementPremium Content Partner
Trusted Vedic Resource • Ad-Supported
आरती गजबदन विनायक की।
सुर-मुनि-पूजित गणनायक की॥
एकदन्त शशिभाल गजानन,
विघ्नविनाशक शुभगुण कानन।
शिवसुत वन्द्यमान-चतुरानन,
दुःखविनाशक सुखदायक की॥
आरती गजबदन विनायक की...
ऋद्धि-सिद्धि-स्वामी समर्थ अति,
विमल बुद्धि दाता सुविमल-मति।
अघ-वन-दहन अमल अबिगत गति,
विद्या-विनय-विभव-दायक की॥
आरती गजबदन विनायक की...
पिङ्गलनयन, विशाल शुण्डधर,
धूम्रवर्ण शुचि वज्रांकुश-कर।
लम्बोदर बाधा-विपत्ति-हर,
सुर-वन्दित सब विधि लायक की॥
आरती गजबदन विनायक की...
Authorized by TodayPanchang.in
Recommended for you
Chalisa Collection
AdvertisementPremium Content Partner
Trusted Vedic Resource • Ad-Supported